CME
Menu

वाराणसी का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम: संस्कृति और खेल का संगम

author - Shubhamoy Majumder

वाराणसी का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जानिए इस अद्वितीय स्टेडियम की विशेषताएं, डिज़ाइन, और इसका महत्व। भगवान शिव से प्रेरित डिज़ाइन और उत्तर प्रदेश में इसकी विशेष स्थिति।

वाराणसी का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम
Advertisement

वाराणसी में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम: एक नई शुरुआत

परिचय: वाराणसी का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम शहर की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर से प्रेरित है। इसकी वास्तुकला भगवान शिव से प्रेरित है, जो हिंदू धर्म में मुख्य देवता हैं और जो वाराणसी के प्रमुख देवता भी हैं।

स्थान और आकार: स्टेडियम वाराणसी के गंजारी, राजतालाब क्षेत्र में स्थित है। यह स्टेडियम 30 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित हो रहा है।

विशेषताएं:

  • सीटिंग क्षमता: 30,000 दर्शक
  • पिच: स्टेडियम में कुल सात पिच होंगी।
  • डिज़ाइन: घाट के सीढ़ीयों की तरह दर्शकों की प्रतिष्ठान गैलरी।

वित्तीय पहलु: इस स्टेडियम की लागत का अनुमान 450 करोड़ रुपये है। उत्तर प्रदेश सरकार ने गंजारी में भूमि की खरीददारी के लिए 120 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां:

  • नींव रखने की तारीख: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्टेडियम की नींव रखी।
  • समाप्ति: यह स्टेडियम 2025 में पूरा होने की उम्मीद है।

इस स्टेडियम की स्थापना सिर्फ स्पोर्टिंग इवेंट्स के लिए नहीं है, बल्कि इसे वाराणसी में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के रूप में भी देखा जा रहा है।

वाराणसी का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम: संस्कृति और खेल का संगम

डिज़ाइन और प्रेरणा: वाराणसी का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम न केवल खेलकूद के लिए है, बल्कि यह आधुनिक ढांचे और पारंपरिक डिज़ाइन तत्वों का संगम भी है। यह स्टेडियम वाराणसी, जिसे काशी भी कहा जाता है, की गहरी जड़ों को प्रकट करता है।

विशेषताएं:

  • त्रिशूल आकार की फ्लडलाइट्स: भगवान शिव से प्रेरित
  • डामरू आकार की संरचना: भगवान शिव से संबंधित संगीत उपकरण
  • घाट की सीढ़ीयों की तरह डिज़ाइन: वाराणसी की पहचान

उत्तर प्रदेश में तीसरा स्टेडियम: इस स्टेडियम की स्थापना के बाद, यह उत्तर प्रदेश का तीसरा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होगा। पहले दो स्टेडियम कानपुर और लखनऊ में हैं।

समाज में प्रभाव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बल दिया कि इस स्टेडियम की स्थापना से वाराणसी में हजारों श्रमिकों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ेंगे। स्टेडियम के आगमन से स्थानीय ड्राइवर्स, नाविक और अन्य सेवा प्रदाता भी लाभान्वित होंगे।

निष्कर्ष: वाराणसी का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम एक महत्वपूर्ण परियोजना है जो खेल को सांस्कृतिक साथ में लाता है। इसकी अद्वितीय डिज़ाइन तत्व, शहर की धरोहर से प्रेरित होने के कारण, इसे अन्य क्रिकेट स्टेडियमों में से प्रमुख बना देते हैं। एक बार पूरा होने पर, यह न केवल क्रिकेटिंग इवेंट्स के लिए एक सीमा बनेगा, बल्कि पारंपरा और आधुनिकता के मेल के प्रतीक के रूप में भी।

Related Articles