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गणेश चतुर्थी 2023: महत्व, तारीख और समय

author - Shubhamoy Majumder

गणेश चतुर्थी 2023 जानिए भगवान गणेश के जन्मोत्सव का महत्व, पूजा की विधियाँ, और इस वर्ष की तारीख और समय। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें।

गणेश चतुर्थी 2023
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गणेश चतुर्थी 2023: जानिए इस त्योहार का महत्व, तारीख और समय

संक्षेप में:

  • गणेश चतुर्थी 2023 को 19 सितंबर को मनाई जाएगी।
  • यह त्योहार विशेष रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गोवा, तेलंगाना और गुजरात में धूमधाम से मनाया जाता है।
  • इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और विशेष रूप से मोदक प्रसाद चढ़ाया जाता है।

त्योहार का महत्व:

गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह त्योहार भगवान गणेश की जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

  • भगवान गणेश: वे ज्ञान, समृद्धि और नई शुरुआत के देवता माने जाते हैं।
  • इतिहास: भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान गणेश का जन्म इसी दिन हुआ था।

तारीख और समय:

तिथिसमय
चतुर्थी तिथि शुरू18 सितंबर 2023, 12:39 बजे दोपहर
चतुर्थी तिथि समाप्त19 सितंबर 2023, 01:43 बजे दोपहर
मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त10:27 से 12:54 तक

उत्सव की प्रमुख घटनाएँ:

  • मूर्तियों की स्थापना: उत्सव की शुरुआत में गणेश जी की मूर्तियों को घरों में या बाहर तंबू में स्थापित किया जाता है।
  • प्रणप्रतिष्ठा: मूर्तियों को जीवंत करने के लिए एक विशेष अनुष्ठान होता है।
  • शोधशोपचार पूजा: यह 16 विधियों से पूजा की जाती है।
  • मोदक प्रसाद: भगवान गणेश का प्रिय प्रसाद मोदक होता है, जिसे उन्हें चढ़ाया जाता है।

समाप्ति:

गणेश चतुर्थी केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह समुदाय की एकता, आध्यात्मिक भावना और एक उज्ज्वल भविष्य की नई आशा का पर्व है। यह भगवान गणेश के द्वारा प्रतिष्ठित ज्ञान, समृद्धि और नई शुरुआत की मूल्यों की याद दिलाता है।

गणेश चतुर्थी के प्रमुख आयोजन और उत्सव

महाराष्ट्र में गणेशोत्सव:

महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी का उत्सव विशेष रूप से धूमधाम से मनाया जाता है।

  • सार्वजनिक पंडाल: यहाँ पर बड़े-बड़े पंडाल लगते हैं जहाँ भगवान गणेश की विशाल प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं।
  • भजन-कीर्तन: पूजा-अर्चना के दौरान भजन-कीर्तन का आयोजन होता है जिसमें लोग शामिल होते हैं।
  • विसर्जन यात्रा: उत्सव के आखिरी दिन, मूर्तियों को विसर्जित करने के लिए एक भव्य यात्रा निकाली जाती है।

गणेश चतुर्थी की पूजा विधि:

गणेश चतुर्थी की पूजा में कुछ विशेष विधियाँ होती हैं:

  • प्रणप्रतिष्ठा: मूर्तियों को जीवंत करने का अनुष्ठान।
  • शोधशोपचार पूजा: 16 विधियों से पूजा की जाती है।
  • मोदक प्रसाद: भगवान गणेश का प्रिय प्रसाद।

गणेश चतुर्थी का सामाजिक महत्व:

  • समुदाय की एकता: यह त्योहार समुदाय की एकता और भाईचारे का पर्व है।
  • सांस्कृतिक आयोजन: नृत्य, संगीत और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं।
  • शैक्षिक संस्थान: स्कूल और कॉलेज में विशेष आयोजन होते हैं जैसे कि निबंध लेखन प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता आदि।

निष्कर्ष:

गणेश चतुर्थी हमें यह सिखाता है कि कैसे जीवन की बाधाओं का सामना किया जाए और उन्हें पार किया जाए। यह त्योहार हमें जीवन में सकारात्मकता और आशा की भावना से आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करता है।

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